अगर कोई आपसे कहे कि 10 बकरियों से सालाना ₹2 से ₹2.5 लाख की कमाई संभव है, तो दिमाग सबसे पहले सवाल करता है “इतना पैसा वो भी बकरी से?” और यही सवाल आज हजारों किसान और युवा पूछ रहे हैं। वजह साफ है। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर बकरी पालन को लेकर आधे सच और पूरे झूठ बहुत घूम रहे हैं।
इस लेख में न कोई झूठा सपना दिखाया जाएगा, न हवा में आंकड़े उछाले जाएंगे। यहाँ वही बातें होंगी जो बैंक मानता है, सरकार लिखित में देती है, और जमीन पर काम करने वाले लोग जानते हैं।
बकरी पालन को इतना भरोसेमंद व्यवसाय क्यों माना जाता है?
बकरी पालन भारत में अचानक पॉपुलर नहीं हुआ। यह धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुँचा है, जहाँ आज इसे लो-रिस्क बिजनेस माना जाता है। इसकी सबसे पहली वजह है कम लागत।
खेती या डेयरी के मुकाबले बकरी पालन में शुरुआती निवेश कम रहता है। किसान खेती के साथ इसे आराम से जोड़ सकता है।
दूसरी बड़ी वजह है डिमांड।
बकरी का मांस, प्रजनन और बिक्री – तीनों की मांग साल भर रहती है। इसमें सीजनल ब्रेक नहीं आता।
तीसरी वजह है तेज़ ग्रोथ।
बकरी जल्दी बड़ी होती है, जल्दी प्रजनन करती है और मार्केट में उसकी कीमत तेजी से बढ़ती है।
और सबसे अहम बात यह व्यवसाय गाँव और शहर, दोनों जगह चल सकता है। पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं, लेकिन समझदार होना जरूरी है।
बकरी पालन लोन 2026: कौन ले सकता है और कैसे?

2025 में बकरी पालन के लिए लोन कोई छुपी हुई चीज़ नहीं है। सरकार और बैंक दोनों इसे मान्यता प्राप्त गतिविधि मानते हैं। बकरी पालन का लोन आमतौर पर इन संस्थाओं से मिलता है:-
- NABARD से जुड़ी योजनाओं के तहत
- राष्ट्रीयकृत बैंक (SBI, PNB, BOB आदि)
- सहकारी बैंक
- PMEGP और राज्य सरकार की पशुपालन योजनाएँ
लोन की राशि ₹1 लाख से ₹50 लाख तक हो सकती है। लेकिन यहाँ एक बात साफ समझ लीजिए , लोन आपकी बातों पर नहीं, आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर मिलता है।
बकरी पालन सब्सिडी 2025: सच्चाई क्या है?
सब्सिडी को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम होता है। लोग सोचते हैं कि पैसा सीधे खाते में आ जाएगा। ऐसा नहीं होता। सब्सिडी लोन अमाउंट में एडजस्ट की जाती है।नीचे टेबल से बात और साफ हो जाएगी:
| किसान की श्रेणी | सब्सिडी प्रतिशत |
|---|---|
| सामान्य वर्ग | 25% तक |
| SC / ST वर्ग | 33% – 50% तक |
उदाहरण: अगर किसी किसान का ₹5 लाख का लोन स्वीकृत होता है और उसे 25% सब्सिडी मिलती है, तो ₹1.25 लाख लोन से घटा दिए जाते हैं।
बाकी राशि किसान को चुकानी होती है।
नोट: सब्सिडी का प्रतिशत राज्य के अनुसार बदल सकता है।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट: यहीं से लोन पास होता है या रुकता है
बिना प्रोजेक्ट रिपोर्ट बकरी पालन का लोन मिलना लगभग नामुमकिन है। और कमजोर रिपोर्ट होगी, तो फाइल यहीं अटक जाती है। एक सही प्रोजेक्ट रिपोर्ट में ये बातें साफ-साफ लिखी होती हैं:
| प्रोजेक्ट रिपोर्ट का हिस्सा | क्या बताया जाता है |
|---|---|
| व्यवसाय परिचय | फार्म का उद्देश्य |
| नस्ल विवरण | कौन-सी बकरी क्यों |
| कुल लागत | बकरी, शेड, चारा |
| मेडिकल खर्च | टीकाकरण, दवा, बीमा |
| आय अनुमान | 3–5 साल का |
| मुनाफा गणना | शुद्ध लाभ |
| लोन चुकौती | EMI प्लान |
बैंक को स्पष्टता चाहिए, कहानियाँ नहीं।
20 बकरी से मुनाफे का असली गणित
अब सबसे जरूरी सवाल वास्तव में कमाई कितनी होती है? मान लीजिए आप 20 बकरी और 1 बकरा से शुरुआत करते हैं।
| विवरण | अनुमानित राशि |
|---|---|
| कुल निवेश | ₹3.5 लाख |
| वार्षिक आय | ₹5–6 लाख |
| वार्षिक खर्च | ₹2–2.5 लाख |
| शुद्ध मुनाफा | ~₹3 लाख |
यह मुनाफा पहले साल नहीं, बल्कि सिस्टम सेट होने के बाद आता है। जैसे-जैसे बकरियों की संख्या बढ़ती है, कमाई भी बढ़ती जाती है।
लोग बकरी पालन में क्यों फेल हो जाते हैं?
यहाँ गलती सरकार की नहीं होती, प्लानिंग की होती है। इसमे सबसे बड़ी गलती होती है गलत नस्ल चुनना। हर नस्ल हर इलाके के लिए सही नहीं होती। दूसरी बड़ी गलती है टीकाकरण को नजर अंदाज करना। एक बीमारी पूरा फार्म बर्बाद कर सकती है।
तीसरी गलती है बिना ट्रेनिंग शुरुआत। लोग सोचते हैं, “देख लेंगे”। यहीं खेल खत्म होता है। और चौथी गलती बैंक के अनुसार प्रोजेक्ट रिपोर्ट न बनाना।
सफल बकरी पालन के लिए जरूरी बातें
सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्था से ट्रेनिंग लें।
यह खर्च नहीं, निवेश है।
अपने इलाके की मांग समझकर नस्ल चुनें।
जो बिके वही पालें।
टीकाकरण और दवा में कभी लापरवाही न करें।
यह खर्च नहीं, सुरक्षा है।
और सबसे जरूरी – धैर्य रखें।
बकरी पालन रातों-रात अमीर बनाने वाला काम नहीं, लेकिन टिकाऊ जरूर है।
निष्कर्ष: क्या बकरी पालन वाकई फायदेमंद है?
अगर सही जानकारी, सही प्लान और सही तरीके से किया जाए तो बकरी पालन 2026 में एक मजबूत आय स्रोत बन सकता है। लेकिन अगर आधी जानकारी, बिना ट्रेनिंग और बिना हिसाब-किताब के किया जाए तो नुकसान भी तय है। फैसला आपके हाथ में है।
सूचना: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध आधिकारिक व सार्वजनिक स्रोतों (जैसे NABARD, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, PMEGP और संबंधित राज्य सरकार की योजनाओं) से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। बकरी पालन लोन, सब्सिडी और योजनाओं से जुड़ी नवीनतम, सटीक और राज्य-विशेष जानकारी के लिए अपने नज़दीकी बैंक शाखा, जिला पशुपालन कार्यालय या संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।
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